नई दिल्ली :-
पेपर की उपयोगिता, पर्यावरण संरक्षण और वेस्ट पेपर रिसाइक्लिंग के महत्व को रेखांकित करते हुए पेपर मर्चेंट्स एसोसिएशन दिल्ली (पीएमए) ने “नेशनल पेपर डे” को वृक्षारोपण के साथ भव्य रूप में मनाया.
राजधानी के न्यू राजधानी एन्क्लेव स्थित स्नेह इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित इस समारोह में व्यापारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और पर्यावरण प्रेमियों की बड़ी भागीदारी रही.
समारोह का शुभारंभ ध्वजारोहण और सामूहिक वृक्षारोपण से हुआ. कार्यक्रम में बच्चों ने वेस्ट पेपर की उपयोगिता पर नृत्य-नाटिका और प्रदर्शनी के माध्यम से रचनात्मक संदेश दिया.
मुख्य अतिथि नैनी मिल के एमडी पवन अग्रवाल ने बताया कि “पेपर बनाने के लिए पेड़ जरूर काटे जाते हैं, लेकिन ये पेड़ फॉरेस्ट से नहीं, बल्कि पेपर मिल द्वारा स्वयं उगाए जाते हैं. पेपर के लिए किसी प्राकृतिक वन क्षेत्र से पेड़ काटे नहीं जाते है और ना ही इसकी काटने की अनुमति नहीं है. उन्होंने कहा की पेपर निर्माता पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं.
पीएमए दिल्ली के अध्यक्ष दीपक कुमार जैन ने बताया कि देश में 74% पेपर वेस्ट पेपर की रिसाइक्लिंग से तैयार होता है, न कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से.
राजीव शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री, इंडियन रिकवर्ड पेपर ट्रेडर्स एसोसिएशन ने कहा कि अगर लोग घरों में वेस्ट पेपर को इकट्ठा कर बेचें, तो दिल्ली के कूड़ा घरों पर हर दिन आने वाले कचरे में 22% तक की कमी लाई जा सकती है.यह पहल स्वच्छ भारत अभियान को भी नई गति देगी. उन्होंने कहा की हमें इस्तेमाल की गई कागज को रीसायकल के लिए भेजना चाहिए.
इस मौके पर दिल्ली नगर निगम के शाहदरा दक्षिणी ज़ोन के डिप्टी चेयरमैन राजू सचदेवा , एफपीटीए के पूर्व अध्यक्ष दिलीप बिंदल , स्कूल के चेयरमैन सुभाष चंद्र ढींगरा समेत बड़ी संख्या में उद्योग से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे. सभी ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया.
कार्यक्रम के संयोजक अतुल बिंदल थे.अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.
