नई दिल्ली :- दिल्ली नगर निगम के शाहदरा नॉर्थ जोन के उपायुक्त के भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार होने के बाद भी दिल्ली नगर निगम के अधिकारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. दिल्ली नगर निगम के भवन विभाग के अधिकारी जमकर उगाही कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला मंगलवार को उस वक्त संज्ञान में आया. जब शाहदरा साउथ जोन के चेयरमैन रामकिशोर शर्मा रोज की तरह अपने ऑफिस पर सुनवाई कर रहे थे.
इस दौरान पहुंचे शिकायतकर्ता ने शाहदरा साउथ जोन के भवन विभाग में कार्यरत जूनियर इंजीनियर (जेई) और असिस्टेंट इंजीनियर (एई) पर 12 लाख रुपया रिश्वत मांगने का आरोप लगाया.
आरोप सामने आने पर जोन चेयरमैन रामकिशोर शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) और असिस्टेंट इंजीनियर (एई) को जमकर फटकार लगाई.
जानकारी के अनुसार, जगतपुरी क्षेत्र में एक भूखंड पर निर्माण कार्य के दौरान पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि विभागीय कर्मचारियों द्वारा ‘लेटर डालने’ के नाम पर मोटी रकम की मांग की जा रही थी. शिकायतकर्ता का कहना है कि रकम नहीं देने की स्थिति में निर्माण कार्य रुकवाने और भवन को ध्वस्त करने की धमकी दी जा रही थी, जिससे वह मानसिक दबाव में था. आरोप हैँ की दिल्ली नगर निगम के शाहदरा साउथ जोन अंतर्गत अनारकली वार्ड में कार्यरत AE और JE लिंटर डालने के बदले 12 लाख रुपया की डिमांड कर रहा था
मामले की शिकायत जब जोन चेयरमैन तक पहुंची तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को तलब किया और पूरे प्रकरण की विस्तृत समीक्षा की. बैठक के दौरान चेयरमैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निगम प्रशासन में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या अवैध वसूली की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी.
चेयरमैन रामकिशोर शर्मा ने कहा कि निगम में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण किया जाए तथा किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की शिकायतें मिलने पर मामले को उच्च स्तर तक ले जाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. चेयरमैन के इस सख्त रुख के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और लोगों में यह उम्मीद जगी है कि क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा.
