नई दिल्ली :- पूर्वी दिल्ली के महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन, गीता कॉलोनी में मंगलवार को ‘विकसित भारत युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा विकसित पहल के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में जागरूक करना और उन्हें ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से जोड़ना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुश्री साक्षी शाह ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् का लगभग डेढ़ सौ वर्षों का गौरवशाली इतिहास देशभक्ति की भावना से जुड़ा रहा है और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसने लोगों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी बताया कि आज भी वंदे मातरम् की भावना युवाओं को देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना और वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से जानकारी दी गई। इस प्रस्तुति के जरिए युवाओं को देश के विकास, राष्ट्रीय मूल्यों और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए खुला मंच भी उपलब्ध कराया गया, जहां उन्होंने अपने विचार साझा किए और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए देश के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गान गाया और देश के विकास, प्रगति तथा समृद्धि में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
