नई दिल्ली l एस.के.सिन्हा/ एम.खान
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है रविवार सुबह 8 बजे यमुना का जलस्तर 204.286 मीटर दर्ज किया गया, जो शनिवार सुबह 7 बजे दर्ज किए गए 205.12 मीटर से कुछ कम जरूर है, लेकिन हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. विशेषज्ञों के अनुसार यमुना का जलस्तर अगले 24 घंटों में तेजी से बढ़ सकता है और यह खतरे के निशान से ऊपर जा सकता है.
बाढ़ एवं नियंत्रण विभाग की ओर से रविवार दोपहर 3.30 बजे जारी एडवाइजरी के मुताबिक 19 अगस्त की सुबह 2 बजे तक पुराने लोहे के पुल पर यमुना का जलस्तर 206 मीटर तक पहुंच सकता है. यह स्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर से अधिक होगा जिससे बाढ़ की आशंका और गहरी हो जाएगी. बताया गया है कि पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश और हथिनी कुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना का जलस्तर लगातार ऊपर की ओर जा रहा है.
बोट क्लब इंचार्ज हरीश कुमार के मुताबिक रविवार शाम 4 बजे हथिनी कुंड बैराज से 1,78,996 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो मंगलवार तड़के दिल्ली पहुंचेगा. इस पानी के आने के बाद यमुना का जलस्तर और भी खतरनाक स्थिति में जा सकता है यदि ऐसा हुआ तो निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना काफी बढ़ जाएगी.
दिल्ली बाढ़ एवं नियंत्रण विभाग ने यमुना तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, साथ ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है . विभाग की ओर से पशुपालकों को भी चेतावनी दी गई है कि वे अपने मवेशियों को यमुना किनारे से दूर रखें ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सक.
पिछले वर्षों की तरह इस बार भी यमुना के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. दिल्ली सरकार और संबंधित विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं और राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है यदि जलस्तर 206 मीटर के पार जाता है तो निचले इलाकों में रह रहे लोगों का सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण शुरू कर दिया जाएगा
